Online Chhattisgarh

  2017-05-01

अगर सिफारिश हो गई मंजूर, तो घर हो जाएगा और भी सस्ता!

OnlineCG ब्यूरोअगर नीति आयोग की यह सिफारिश राज्य सरकारों को पसंद आयी तो मकान एवं जमीन की रजिस्ट्री और भी सस्ती हो सकती है। आयोग ने अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी की दर घटाने की सिफारिश की है। आयोग का कहना है कि स्टाम्प ड्यूटी कम होने से न सिर्फ लोग मकान खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगे बल्कि दीर्घावधि में इससे राज्यों का राजस्व भी बढ़ेगा। आयोग ने इस संबंध में अन्य राज्यों को गुजरात का अनुसरण करने को भी कहा है जिसने स्टाम्प ड्यूटी पांच प्रतिशत से घटाकर साढ़े तीन प्रतिशत कर दी है। फिलहाल मकान और जमीन के क्रय-विक्रय पर अलग-अलग राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी की दरें भिन्न हैं। आम तौर पर राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी की दर छः से आठ प्रतिशत है, जो काफी अधिक है। इसी कारण रियल एस्टेट सौदों के लिए लोग काले धन का इस्तेमाल भी करते हैं। कुछ राज्यों में अचल संपत्ति की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम होने पर स्टाम्प ड्यूटी कम लगती है। नीति आयोग ने देश के विकास की त्रिवर्षीय कार्ययोजना के प्रारूप में सुझाव दिया है कि सरकार को राज्यों के साथ कार्य कर रियल एस्टेट पर स्टाम्प ड्यूटी कम कराने के लिए काम करना चाहिए। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में त्रिवर्षीय कार्ययोजना के प्रारूप पर चर्चा हुई थी। इस बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल थे। आपको बता दें कि सबको आवास मुहैया कराने के सरकार के सपने को पूरा करने के लिए आयोग ने मकान बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर आयात शुल्क में कटौती करने की भी सिफारिश की है।

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